अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस

1910 के अगस्त महीने मेंए अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के सालाना उत्सव को मनाने के लिये कोपेहेगन में द्वितीय अंतरराष्ट्रीय समाजवादी की एक मीटिंग ;अंतरराष्ट्रीय महिला सम्मेलन के द्वारा आयोजितद्ध रखी गया थी। अंततरू अमेरिकन समाजवादी और जर्मन समाजवादी लुईस जिएत्ज़ की सहायता के द्वारा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का वार्षिक उत्सव की स्थापना हुई। हालाँकिए उस मीटिंग में कोई एक तारीख तय नही हुई थी। सभी महिलाओं के लिये समानता के अधिकार को बढ़ावा देने के लिये इस कार्यक्रम को मनाने की घोषणा हुई। इसे पहली बार 19 मार्च 1911 में ऑस्ट्रीयाए जर्मनीए डेनमार्क और स्वीट्ज़रलैंड के लाखों लोगों द्वारा मनाया गया था। विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम जैसे प्रदर्शनीए महिला परेडए बैनर आदि रखे गये थे। महिलाओं के द्वारा वोटिंग की माँगए सार्वजनिक कार्यालय पर स्वामित्व और रोजगार में लैंगिक भेद.भाव को समाप्त करना जैसे मुद्दे सामने रखे गये थे। हर वर्ष फरवरी के अंतिम रविवार को राष्ट्रीय महिला दिवस के रुप में अमेरिका में इसे मनाया जाता था। फरवरी महीने के अंतिम रविवार को 1913 में रशियन ;रुस कीद्ध महिलाओं के द्वारा इसे पहली बार मनाया गया था। 1975 में सिडनी में महिलाओं ;ऑस्ट्रेलियन बिल्डर्स लेबरर्स फेडरेशनद्ध के द्वारा एक रैली रखी गयी थी। 1914 का अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस उत्सव 8 मार्च को रखा गया था। तब सेए 8 मार्च को सभी जगह इसे मनाने की शुरुआत हुई। वोट करने के महिला अधिकार के लिये जर्मनी में 1914 का कार्यक्रम खासतौर से रखा गया था।

वर्ष 1917 के उत्सव को मनाने के दौरान सेंट पीटर्सबर्ग की महिलाओं के द्वारा श्रोटी और शांतिश्ए रशियन खाद्य कमी के साथ ही प्रथम विश्व युद्ध के अंत की माँग रखी। धीरे.धीरे ये कई कम्युनिस्ट और समाजवादी देशों में मनाना शुरु हुआ जैसे 1922 में चीन मेंए 1936 से स्पैनिश कम्युनिस्ट आदि में। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस कैसे मनाया जाता है अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस एक खास कार्यक्रम है जिसे लोगों के साथ ही व्यापारए राजनीतिकए समुदायिकए शिक्षण संस्थानोंए आविष्कारकए टीवी व्यक्तित्व आदि महिला नेतृत्व के द्वारा 8 मार्च को पूरे विश्व भर में मनाया जाता है। अन्य महिला अधिकारों को बढ़ावा देने वाली क्रिया.कलाप सहित नाश्ताए रात का भोजनए महिलाओं के मुद्देए लंचए प्रतियोगी गतिविधिए भाषणए प्रस्तुतिकरणए चर्चाए बैनरए सम्मेलनए महिला परेड तथा सेमिनार जैसे विभिन्न प्रकार कार्यक्रम के आयोजन के द्वारा इसे मनाया जाता है। इसे पूरे विश्व भर में उनके अधिकारए योगदानए शिक्षा की महत्ताए आजीविका आदि के मौके के लिये महिलाओं के बारे में जागरुकता बढ़ाने के लिये मनाया जाता है।