विज्ञान कार्यशाला

उत्तराखण्ड राज्य विज्ञान एवं तकनीकी परिषद् के तत्वाधान में लक्ष्य सोसाईटी द्वारा ओंकारानन्द सरस्वती राजकीय महाविद्यालय, देवप्रयाग टिहरी गढ़वाल में एक विज्ञान कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में महाविद्यालय के शिक्षकगणों सहित लगभग 300 विद्यार्थियों द्वारा प्रतिभाग किया गया। कार्यशाला में लक्ष्य सोसाईटी द्वारा राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर विज्ञान के प्रति विद्यार्थियों में जागरूकता विकसित किये जाने हेतु एक व्यख्यान प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में 06 श्रेष्ठ व्यख्यान प्रस्तुत करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृृत किया गया। कार्यशाला में अध्यापकगणों द्वारा भी 36 वें राष्ट्रीय विज्ञान दिवस की थीम “Integrated Approach in science and technology for Sustainable Future” विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किये।
ओकारानंद सरस्वती राजकीय महाविद्यालय के अध्यापकगण।
भगीरथी एवं अलकनंदा नदियों का सगंम स्थल देवप्रयाग।

ओकारानंद सरस्वती राजकीय महाविद्यालय के विद्यार्थी राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के उपलक्ष में आयोजित कार्यशाला में प्रतिभाग करते हुए।

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर ओंकारानंद सरस्वती राजकीय महाविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा "Integrated Approach in science and technology for Sustainable Future विषय पर व्यखायन दिया गया।

आज यानी 28 फरवरी को पूरे भारत मे राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया जाता है। 28 फरवरी 1928 मे एक खास वैज्ञानिक की खोज की गई। जिसके लिए भारत के पहले किसी वैज्ञानिक को विज्ञान के लिए Nobel Prize नही मिला था, 28 फरवरी 1928 मे महान वैज्ञानिक सर सी वी रमन ने रमन प्रभाव की खोज की थी। भारत की सबसे बड़ी खोज रमन प्रभाव के लिए 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के रूप मे मनाया जाता है। सर सी वी रमन को रमन प्रभाव के लिए 1930 मे नोबल पुरस्कार से सम्मानित किया था, ये पहली बार था जब भारत के किसी वैज्ञानिक को विज्ञान के लिए 1930 मे नोबल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था, रमन प्रभाव की वजह से हम दूर तारे आकाश गंगाओं का अध्ययन करने मे संक्षम हुए विज्ञान की मदद से इंसानों ने अपना जीवन बेहतर बना लिया है। विज्ञान के जरिए ही हम नई तकनीकों का आविष्कार करते है हर रोज न जाने हम विज्ञान की मदद से बनाई गई कितनी तकनीको चीजों का इस्तेमाल करते है इतना ही नही हम नामुमकिन चीजो को मुमकिन बनाने मे सफल हुए है, विज्ञान की मदद से ही हम अंतरिक्ष मे पहुंचने से लेकर Robert, Computer जैसी चीजे बनने मे सफल हुऐ है। विज्ञान हमारे जीवन मे काफी महत्व रखता है हर स्कूल मे इस विषय को बच्चों को पढ़ाया जाता है, वही भारत ने विज्ञान के क्षेत्र मे काफी योगदान दिया है। भारत की धरती पर कई महान वैज्ञानिको ने जन्म लिया है, इन महान वैज्ञानिको के बदोलत ही भारत ने विज्ञान के क्षेत्र मे अपना एक अलग अहोदा बना लिया है। इस दिवस को मनाने का मुख्य उददेश्य लोगो के बीच मे विज्ञान क प्रति जागरूकता उत्पन्न करना है। इस दिवस के जरिए बच्चों को विज्ञान के बेहतर करियर को चुनने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। ताकि हमारे देश मे आने वाली पीढ़ी विज्ञान के क्षेत्र मे अपना योगदान दे सके।

जो लोग वैज्ञानिक सोच रखते है उन्हे विज्ञान मे मौका देना चाहिए। जैसा आप सभी जानते है हम 21वी सदी जी रहे है और 21वी सदी जो है वो विज्ञान का युग है। विज्ञान मे Intermidate मे 3 विषय पढ़ते है Physics ,Chemistry, Biology और BSc के अंतरगत हम 3 विषय पढ़ते र्है Zoology Botany and ChemistryA । तो दैनिक जीवन मे विज्ञान की क्या उपयोगिता है मै कुछ म्गंचसम के द्वारा बताउगी।