जल कार्यशाला, रिर्पोट

उत्तराखण्ड विज्ञान शिक्षा एंव अनुसंधान केन्द्र (यू-सर्क) के तत्वाधान में लक्ष्य सोसाईटी द्वारा जनपद टिहरी गढ़वाल के नरेन्द्र नगर, गजा तथा देवप्रयाग ब्लॉक में पराम्परागत जल स्रोंतों के संर्वधन एवं संरक्षण हेतु जागरूकता हेतु जल कार्यशाला का अयोजन किया गया।

यू-सर्क की उक्त जल कार्यशाला का आयोजन का शुभारंभ श्री सुबोध उनियाल जी मा0 कृृषि मंत्री उत्तराखण्ड सरकार के कर कमलों से हुआ। मा0 मंत्री जी ने इस अवसर पर अपने आवास में जल कार्यशाला हेतु लक्ष्य सोसाईटी द्वारा बनाये गये स्मृृति चिन्हों के विमोचन द्वारा किया।

मा0 कृृषि मंत्री जी द्वारा परम्परागत जल स्रोतों के उपयोग तथा उनके संरक्षण एवं सर्वधन के संबंाध में अपने विचार व्यक्त करते हुए
मा0 मंत्री जी द्वारा परांपरागत जल स्रोतों के विषय से अपने बचपन की यादों को साझा करते हुए बताया कि आज भी उत्तराखण्ड के धारे, नोले हमारे लिए उतने ही प्रसांगिक है जितने कि हमारे पूर्वजों के लिए हुआ करते थे। हालांकि सरकार आज नदियों का पानी नल के माध्यम से घर-घर तक पहुंचा रही है फिर भी धारे नोलों आदि परम्परागत जल स्रोत हमंे शुद्ध और निरन्तर जल उपलब्ध कराते है। नई पीढ़ी को यह भी समझना होगा कि जल का उपयोग किस प्रकार से किया जाए कि संयुक्त राष्ट्र संघ की सतत्् विकास की अवधाराणा साकार हो सकें।
ग्राम गडाकोट, हिण्डोलाखा के निकट एक परंपरागत जल स्रोत धारा जिस पर ग्राम गडाकोट के 125 परिवार के लगभग 600 सदस्य आज भी निर्भर हैं।